कंप्यूटर ऑपरेटर का मतलब क्या होता है किस काम को कंप्यूटर ऑपरेटर का काम कहे

कंप्यूटर ऑपरेटर का मतलब क्या होता है किस काम को कंप्यूटर ऑपरेटर का काम कहे?

कंप्यूटर ऑपरेटर का मतलब क्या होता है किस काम को कंप्यूटर ऑपरेटर का काम कहे-What is the meaning of computer operator, which work is called the work of computer operator?

दोस्तों कुछ ऐसे यूजर होते है जिनके मन में एक ही सवाल चलता रहता है आखिर कंप्यूटर ऑपरेटर का मतलब क्या होता है किस काम को हम कंप्यूटर ऑपरेटर का काम मानेगें इसके अंतर्गत कौनसे कौनसे काम आयेगें तो हम आपको कंप्यूटर ऑपरेटर का मतलब बतायेगें तो फिर आइये जानते है

कंप्यूटर ऑपरेटर उसे कहते है जो पुरे कंप्यूटर को ऑपरेट करता है यानि चलाता है कंप्यूटर ऑपरेटर कंप्यूटर से सम्बंधित किसी भी कामों को करने में काफी एक्सपर्ट होता है उसे कंप्यूटर पर टाइपिंग करना , डाटा एंट्री करना, डॉक्यूमेंट बनाना, ग्राफ़िक डिजाइनिंग करना , वेबसाइट यूज़ करना यह तमाम काम आते है इसके साथ-साथ उसे कंप्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम के सेटिंग और फीचर की काफी अच्छी जानकारी होती है

एक कंप्यूटर ऑपरेटर से जब आप टाइपिंग का काम करवायेगें तो वो आपको 5 मिनट में टाइपिंग का काम करके दे देगा आप डाटा एंट्री जैसे काम करवायेगें तो वो बड़े ही अच्छे ढंग से आपके किसी भी डाटा की एंट्री करके दे देगा अगर आप कोई भी लीगल डॉक्यूमेंट बनवाना चाहते है यह डॉक्यूमेंट कोई व्यापार से सम्बंधित हो, कोर्ट न्यायलय से सम्बंधित हो , ऑफिस से सम्बंधित हो या किसी विभाग के काम काज से सम्बंधित हो वो आसानी से बना देगा अगर आपको ग्राफ़िक डिजाइनिंग करवानी है तो वो छोटे-मोटे डिज़ाइन भी आपके लिए बना देगा अगर किसी वेबसाइट पर ऑनलाइन काम करना है तो उसमें भी कंप्यूटर ऑपरेटर एक्सपर्ट होते है यही एक कंप्यूटर ऑपरेटर की पहचान होती है अगर यह सब काम किसी कंप्यूटर ऑपरेटर को नहीं आता है तो वो पूरी तरह से कंप्यूटर ऑपरेटर नहीं कहलाये जायेगा लेकिन बेसिक कंप्यूटर ऑपरेटर उसे कह सकते है अगर उसे एक्सपर्ट कंप्यूटर ऑपरेटर बनना है उसे फ़ास्ट टाइपिंग, डाटा एंट्री, इंटरनेट, ऑपरेटिंग सिस्टम, ग्राफ़िक डिजाइनिंग जैसे काम आने चाहिए।

एक अच्छे कंप्यूटर ऑपरेटर की पहचान होती है जब वो सिस्टम पर बैठता है तो पहले-

  • कंप्यूटर को रिफ्रेश करता है
  • कंप्यूटर की स्क्रीन पर पड़ी फालतू फाइल्स डिलीट करता है और जरुरी फाइल्स को एक फोल्डर बनाकर ड्राइव में सेफ रखता है.
  • कंप्यूटर में टेम्पररी फाइल्स को डिलीट करता है जिससे  सिस्टम पर काम करते समय कोई भी परेशानी ना आये.
  • टेम्पररी फाइल्स डिलीट करने के बाद एंटीवायरस सिस्टम अंदर रन करना है जिससे कंप्यूटर में अगर वायरस आ गया हो तो वो ख़त्म हो जाये जिससे सिस्टम फ़ास्ट चले.
  • कंप्यूटर स्क्रीन पर वो केवल आवश्यक सॉफ्टवेयर फोल्डर फाइल्स ही रखता जो वो रोज डेली यूज़ करता हो.
  • कंप्यूटर के अंदर फाइल्स और फोल्डर के लिए सेपरेट जगह बनाता है जैसे किसी फोल्डर में फाइल्स रखनी है, किसी फोल्डर में सांग्स वीडियो इमेज रखनी है।
  • कंप्यूटर ऑपरेटर सिस्टम के अंदर केवल वही सॉफ्टवेयर इनस्टॉल करके रखता है जिसकी उसे जरुरत हो जिसे वो यूज़ करता हो.
  • कंप्यूटर ऑपरेटर जब इंटरनेट पर काम करता है तो वो हर उस वेबसाइट को बुकमार्क करके रखता है जिसे वो डेली यूज़ करता है.
  • सोशल साइट्स के सभी यूजर आईडी और पासवर्ड  सेव करके चलता है जिससे उसे बार बार सोशल साइट्स यूज़ करने के लिए आईडी और पासवर्ड बार बार नहीं डालना पड़े.
  • हर दिन डाउनलोड हुई फाइल्स को किसी फोल्डर में मैनेज करके चलता है.

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