Cloaking क्या है ? [SEO]

Cloaking क्या है ? [SEO]

दोस्तों यदि आप डिजिटल मार्केटिंग के स्टूडेंट है तो आपने SEO (SEARCH  ENGINE OPTIMIZATION) के बारे में थोड़ा-बहुत पढ़ा होगा तो आपने SEO (SEARCH  ENGINE OPTIMIZATION) के अंदर Cloaking का नाम तो सुना होगा तो आपने कभी भी Cloaking के बारे में जानने की कोशिश की है कि Cloaking क्या है और  ब्लॉगर अपनी वेबसाइट या ब्लॉग में Cloaking क्यों करता है.


नमस्कार दोस्तों आज हम आपको  बताने  रहे है कि Cloaking क्या है और  ब्लॉगर अपनी वेबसाइट या ब्लॉग में Cloaking क्यों करता है  तो आज हम केवल Cloaking के बारे में बात करेगें और इससे सम्बंधित बहुत सी बातें जानेगें।

 

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Cloaking क्या है ?

दोस्तों Cloaking SEO (SEARCH  ENGINE OPTIMIZATION)  एक BLACK HAT SEO की TECHNIQUE है जब किसी ब्लॉगर को अपनी वेबसाइट या ब्लॉग पर BLACK HAT SEO करना होता है तो वो ब्लॉगर अपनी वेबसाइट में BLACK HAT SEO के अंदर Cloaking जैसी एक्टिविटी करता है।

दोस्तों कुछ ऐसे ब्लॉगर होते है जो अपनी वेबसाइट या ब्लॉग पर ज्यादा ट्रैफिक लाने या फिर ट्रैफिक को REDIRECTION देने के लिए Cloaking करते है

 

Cloaking के अंदर एक ब्लॉगर कोडिंग के माध्यम से अपनी वेबसाइट या ब्लॉग के एक ही वेब पेज को दो अलग VERSION में बनाना या फिर कह सकते है कि अपनी वेबसाइट या ब्लॉग को दो हिस्से में बाटना जिसमें पहला पेज वेबसाइट विजिटर के लिए और दूसरा पेज इंटरनेट सर्च इंजन बोट्स के लिए.

Cloaking क्या है ? [SEO]

 

जब इंटरनेट का सर्च इंजन उस Cloaking वाली वेबसाइट या ब्लॉग को क्रॉल करता है तो उस वेबसाइट या ब्लॉग इंटरनेट सर्च इंजन को कुछ और कंटेंट दिखाई देता है और जब कोई विजिटर Cloaking वाली वेबसाइट या ब्लॉग पर जाता है तो विजिटर को कुछ और ही कंटेंट दिखाई देता है जैसे –

 

Cloaking वाली वेबसाइट या ब्लॉग को क्रॉल करते समय इंटरनेट सर्च इंजन बोट्स को एजुकेशन सम्बंधित कंटेंट दिखाई देता है तो वहीं जब विजिटर Cloaking वाली वेबसाइट  या ब्लॉग पर आते है तो उन्हने GAMES जैसे कंटेंट दिखाई देता है तो इस प्रक्रिया को Cloaking कहा जाता है.

 

बहुत से ब्लॉगर ब्लैकलिस्ट वेबसाइट या ब्लॉग पर ट्रैफिक लाने के लिए Cloaking का सहारा लेते है वो ब्लॉगर अपनी एक UNIQUE कंटेंट वाली वेबसाइट या ब्लॉग पेज को जो गूगल की सभी अल्गोरिथम को फॉलो करता हो उस UNIQUE कंटेंट वेबसाइट या ब्लॉग पेज में ब्लैकलिस्ट वेबसाइट या ब्लॉग का Cloaking कोड इम्प्लीमेंट करके ब्लैकलिस्ट वेबसाइट या ब्लॉग ट्रैफिक लाता है.

 

दोस्तों Cloaking में किसी भी ब्लैकलिस्ट वेबसाइट या ब्लॉग को इंटरनेट का सर्च इंजन क्रॉल नहीं कर पाता है और यदि गूगल का इंटरनेट सर्च इंजन किसी भी वेबसाइट या ब्लॉग को Cloaking जैसी एक्टिविटी करते पकड़ता है तो गूगल का सर्च इंजन उस वेबसाइट या ब्लॉग को PUNISHMENT देकर उस वेबसाइट या ब्लॉग की रैंकिंग गिरा देता है या फिर उस वेबसाइट या ब्लॉग को ब्लैकलिस्ट में डाल देता है।

 

 Cloaking करने के फायदे क्या-क्या होते है ?

  • किसी ब्लैकलिस्ट वेबसाइट या ब्लॉग पर ट्रैफिक लाना है तो Cloaking से आप ऐसा कर सकते हो।
  • किसी टारगेट Country से वेबसाइट या ब्लॉग पर ट्रैफिक लेकर आना है तो Cloaking कर सकते हो
  • किसी ऐसी चीज के बारे में बताना या प्रमोट करना है जिसे करने के लिए गूगल परमिशन नहीं देता है तब आप Cloaking के माध्यम से ऐसा कर सकते हो।

 

Cloaking करने के नुकसान क्या-क्या हो सकते है ?

  • किसी भी वेबसाइट या ब्लॉग में Cloaking करते हो तो समझो उस वेबसाइट या ब्लॉग में Black hate Seo  किया जा रहा है
  • किसी भी वेबसाइट या ब्लॉग पर Cloaking करने पर गूगल उस वेबसाइट या ब्लॉग की रैंकिंग गिर जाती है
  • किसी वेबसाइट या ब्लॉग को गूगल के बोट्स यदि Cloaking करते समय पकड़ लेते है तो गूगल उस वेबसाइट या ब्लॉग को ब्लैकलिस्ट में डाल देता है।

 

# ध्यान दें – दोस्तों यदि आप अपनी वेबसाइट या ब्लॉग को इंटरनेट सर्च इंजन में अच्छे स्तर पर ग्रो करना चाहते हो और अपनी वेबसाइट या ब्लॉग पर भारी मात्रा में ट्रैफिक लेकर आना चाहते हो तो आप अपनी वेबसाइट या ब्लॉग पर किसी भी प्रकार की Cloaking ना करे इससे अपनी वेबसाइट या ब्लॉग को बचाये।#

 

 

आशा करते है कि Cloaking क्या है और  ब्लॉगर अपनी वेबसाइट या ब्लॉग में Cloaking क्यों करता है और वेबसाइट या ब्लॉग में Cloaking के फायदे क्या-क्या होते है और Cloaking के नुकसान क्या होते है यह आप अच्छे से जान गये होगें और यह जानकारी आपके लिए काफी उपयोगी साबित हुई होगी तो आप इसी तरह की जानकारी के लिए हमारे ब्लॉग पर विजिट करते रहिये।